नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटें
एनडीपीएस एक्ट -1985 की धारा -50 के तहत जारी नोटिस में बताया जाना चाहिए कि आरोपी र के पास कौन - से अधिकार हैं
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह व्यवस्था दी है । जस्टिस बीएस वालिया ने कहा कि केवल आरोपी को यह बता देना पर्याप्त नहीं है कि उसके पास एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुछ अधिकार हैं । नोटिस में उसके अधिकारों का उल्लेख होना चाहिए । अदालत इस अधिनियम के तहत गिरफ्तार एक आरोपी की जमानत पर सुनवाई कर रही थी । इस दौरान जस्टिस वालिया ने कहा क न इ त र र कि जारी नोटिस में यह तो लिखा है । कि आरोपी को उसके अधिकारों से अवगत कराया गया है । लेकिन यह नहीं बताया गया है कि उसे उसके कौन - कौन से अधिकारों से अवगत कराया गया ।
अदालत ने पूछा कि क्या आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 50 के तहत मजिस्ट्रेट या राजपत्रित अधिकारी की उपस्थिति में तलाशी लिए जाने के उसके अधिकार से अवगत कराया गया ? आरोपी ने जमानत याचिका में यही दलील दी थी कि उसे राजपत्रित अधिकारी या मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तलाशी लिए जाने के उसके अधिकार के बारे में सूचित नहीं किया गया । यह कानूनी प्रावधान का उल्लंघन है ।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें