आज हिंदू धर्म रक्षा मंच का जिला कमेटी की घोषणा मंच के केंद्रीय अध्यक्ष श्री संत कुमार घोष जी के निर्देशानुसार आज किया गया कमेटी में 15 लोगों का स्थान दिया गया जिसमें प्रशांत कुमार शेखर को जिला संयोजक एवं तीन सहसंयोजक गौतम पासवान महादेवगंज , देवाशीष यादव ,कान्हैया मंडल ,राजमहल चार महामंत्री रौशन कुमार चौरसिया सरकंडा राजमहल ,कुणाल विक्रम उर्फ सोनू सिंह बोरियों ,सोनू कुशवाहा बरहरवा, अनिमेष यादव राजमहल कशवा,और चार जिला मंत्री मणिकांत ठाकुर मंडरो , चंकी पांडे राजमहल भैसमारी अमित भारती बड़हरवा , अनीष कुमार मंडल,मनहारीटोल उधवा एवं सोशल मीडिया प्रभारी पवन गोस्वामी गुदाराघाट राजमहल सहा मिडिया प्रभारी दीपक साहा तेतुलिया तीनपहर को बनाया गया जो कि साहिबगंज जिला का पहला जिला कमेटी की घोषणा हुई है यही जिला कमेटी पूरे साहिबगंज जिला को मजबूत कर एवं प्रखंड कमेटी के निर्माण करेंगे । और बहुत जल्द संरक्षक व प्रभारी कि घोषणा नवनिर्वाचित जिला संयोजक प्रशांत कुमार शेखर व प्रदेश के निर्देशानुसार घोषणा की जाएगी।
चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...
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