सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जमीन एवं रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर चली लाठी डंडे आधा दर्जन घर …… न्याय करता है वाराणसी संवाददाता एडवोकेट आशीष के पाठक की रिपोर्ट

जमीन एवं रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर चली लाठी डंडे आधा दर्जन घर पुलिस ने कुछ लोगों किया गिरफ्तार वाराणसी आज गुरुवार की सुबह करीब 8:00 बजे एक गांव में दो पक्षों के बीच जमीन कब्जा एवं रास्ते के विवाद को लेकर जमकर मारपीट लाठी डंडा चली जिस से आधा दर्जन पुलिस व महिलाएं बुरी तरह घायल हो गई यह सब घटना पुलिस के सामने हो हो रही थी और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी जानकारी के अनुसार शिवपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सवाईपुर गांव निवासी मोतीलाल 70 वर्ष मुन्नीलाल 72 वर्ष संजय पटेल 40 वर्ष लालगढ़ पटेल 50 वर्ष छेदी पटेल एवं तीन महिलाएं बुरी तरह घायल हो गए बताया जाता है कि मुन्नीलाल पटेल की घर के सामने ग्राम सभा की जमीन है जहां पर पड़ोस के लोचन पांडे कमलेश पांडे इत्यादि गढ़ गुरुवार की सुबह 8:00 बजे ग्राम सभा की जमीन पर अवैध रूप से मकान बनवा रहे थे वही रास्ता अवरुद्ध कर मकान निर्माण करा रहे थे खबर मिलते ही मुन्नी लाल मोती लाल पटेल अपने परिवार जन के साथ मौके पर पहुंच गए और अवैध रूप से हो रहे मकान को रोकने की कोशिश करने लगे वाद विवाद होते होते हैं मामला अधिक गर्म हो गया घटना की जानकारी मुन्नी लाल ने पीठ और पुलिस को दी मौके पर पुलिस पहुंची दोनों पक्षों को समझा बुझा रही थी किसी का हो रहा है पुलिस के मौजूदगी में दोनो लोगों के बीच मारपीट शुरू हो गई बीच बचाव करने आई लालमणि देवी डांगरा देवी देवा मुन्नीलाल मोतीलाल संजय पटेल लालगढ़ पटेल छेदी पटेल बुरी तरह घायल हो गया सर फट गया और हाथ पैर फैक्चर हो गया यह सब घटना पुलिस के सामने हो रही थी अप पुलिस वाले मूकदर्शक बने हुए थे किसके गांव में दहशत फैल गई घायल पटेल के परिजनों ने शिवपुर पुलिस को लिखित मारपीट शिकायत दर्ज कराई वही लाल घर पटेल छेदी पटेल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है घायल पटेलों ने मंडली चिकित्सालय में उपचार कराया पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए……..? HINDI & ENGLISH

  चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...

ब्रेकिंग -एमपी जबलपुर नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडलेश्वर जगतगुरु डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य जी महाराज कोरोना की वजह से नहीं ....…….....

ब्रेकिंग  -जबलपुर नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडलेश्वर जगतगुरु डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य जी महाराज कोरोना की वजह से नहीं रहे, वे कुंभ में हरिद्वार गए थे और वही से कोरोना पीड़ित हुए थे

कोरोना से ठीक होने के 3 महीने बाद लगवा सकते है वैक्सीन : सेंट्रल ...…....….

यह भी बताया गया है कि स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोरोना का टीका लगवा सकती है  गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने को लेकर अभी मामला विचारधीन है। सरकार ने इसके साथ ही स्तनपान कराने वाली महिलों के लिए भी वैक्‍सीन सुरक्षित बताया है सरकार की ओर से बताया गया है कि यदि वैक्‍सीन की पहली डोज लेने के बाद कोई कोरोना संक्रमित हो जाता है तो दूसरी डोज तीन माह बाद ली जानी चाहिए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से वैक्‍सीनेशन के नियमों में एक और बदलाव करते हुए यह बात कही गई    एक्‍सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्‍सीन एडमिनिस्‍ट्रेन फॉर corona 19  की ओर से यह अनुशंसा की गई है। नई सिफारिशों में यह भी कहा गया है कि कोरोना से रिकवरी के तीन माह वैक्‍सीनेशनल टालना चाहिए। यह भी बताया गया है कि स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोरोना का टीका लगवा सकती है। गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने को लेकर अभी मामला विचारधीन है।  जिन मरीजों को प्लाज्मा दिया गया हो वैसी हालत में अस्पताल से छुट्टी के 3 महीने बाद वे टीका ले सकते हैं।