सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

up : में कोरोना कर्फ्यू में ढील 20 जिलों को छोड़ अन्य जगह शाम सात बजे तक खुलेंगी दुकानें जारी रहेगा वीकेंड लॉकडाउन.........?

उत्तर प्रदेश unlock 🔓 की ओर बढ़ गया। योगी सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार 1 जून से यूपी के 20 जिलों को छोड़कर सभी जनपदों में सुबह 7 से शाम 7  बजे तक कोरोना कर्फ्यू में कुछ शर्तों के साथ ढील दी जाएगी। शनिवार-रविवार साप्ताहिक बंदी के साथ नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। 600 से अधिक कोरोना केस वाले जिलों को फिलहाल अभी कोई छूट नहीं दी जाएगी।

जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि कोरोना के अभियान से जुड़े फ्रंटलाइन सरकारी विभागों में पूर्ण उपस्थिति रहेगी एवं शेष सरकारी कार्यालय अधिकतम 50% उपस्थिति के साथ खुलेंगे और उसमें 50% कर्मी ही रहेंगे। private company केटके कार्यालय भी मास्क की अनिवार्यता के साथ खोले जा सकेंगे। औद्योगिक संस्थान खुले रहेंगे।

सब्जी मंडी पूर्व की भांति खुली रहेंगी प्रत्येक सब्जी मंडल स्थल में कोविड-19 की स्थापना की अनिवार्यता होगी। स्कूल कॉलेज तथा शिक्षा संस्थान शिक्षण कार्य हेतु बंद रहेंगे। 

मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, झांसी, प्रयागराज, लखीमपुर, खीरी सोनभद्र, जौनपुर, बागपत, मुरादाबाद, गाजीपुर, बिजनौर और देवरिया में फिलहाल कोई छूट नहीं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए……..? HINDI & ENGLISH

  चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...

ब्रेकिंग -एमपी जबलपुर नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडलेश्वर जगतगुरु डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य जी महाराज कोरोना की वजह से नहीं ....…….....

ब्रेकिंग  -जबलपुर नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडलेश्वर जगतगुरु डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य जी महाराज कोरोना की वजह से नहीं रहे, वे कुंभ में हरिद्वार गए थे और वही से कोरोना पीड़ित हुए थे

कोरोना से ठीक होने के 3 महीने बाद लगवा सकते है वैक्सीन : सेंट्रल ...…....….

यह भी बताया गया है कि स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोरोना का टीका लगवा सकती है  गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने को लेकर अभी मामला विचारधीन है। सरकार ने इसके साथ ही स्तनपान कराने वाली महिलों के लिए भी वैक्‍सीन सुरक्षित बताया है सरकार की ओर से बताया गया है कि यदि वैक्‍सीन की पहली डोज लेने के बाद कोई कोरोना संक्रमित हो जाता है तो दूसरी डोज तीन माह बाद ली जानी चाहिए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से वैक्‍सीनेशन के नियमों में एक और बदलाव करते हुए यह बात कही गई    एक्‍सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्‍सीन एडमिनिस्‍ट्रेन फॉर corona 19  की ओर से यह अनुशंसा की गई है। नई सिफारिशों में यह भी कहा गया है कि कोरोना से रिकवरी के तीन माह वैक्‍सीनेशनल टालना चाहिए। यह भी बताया गया है कि स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोरोना का टीका लगवा सकती है। गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने को लेकर अभी मामला विचारधीन है।  जिन मरीजों को प्लाज्मा दिया गया हो वैसी हालत में अस्पताल से छुट्टी के 3 महीने बाद वे टीका ले सकते हैं।