mp फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने फार्मेसिस्ट को माइक्रोवायोलॉजी के साथ फार्मोकोलॉजी एवं मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रदेश में लगभग अनेक विषयों का विस्तृत अध्ययन कराया जाता है। प्रदेश के 110000 प्रशिक्षित और योग्य फार्मेसिस्ट (डिप्लोमा, वैचलर, विभिन्न चिकित्सालयों में जहां पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं है वहां मास्टर, डॉक्टर, पीएचडी) पंजीकृत है जिन्हें खुली भर्ती के द्वारा प्राथमिक उपचार फार्मेसिस्टों द्वारा दिया जा रहा है। फार्मेसिस्ट वड़े योजित कर उनकी सेवाएं टेस्टिंग ट्रैकिंग प्रदेश के प्रशिक्षित पैरा मेडिकल स्टाफ की सेवाएं लेकर कोरोना पर विजय पायी जा है मौजूद सकती है ।
चिकित्सालयों में भी आकस्मिक चिकित्सा फार्मेसिस्टों को सेवायोजित कर उनसे सेवा महत्वपूर्ण होगा और इसके साथ ही खुली भर्ती द्वारा नर्सेज, लैव टेक्नीशियन आदि को और टीटमेंट तीनों में ली जा सकती है। प्रदेश में एक लाख से अधिक व्यवस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ रहे है। एक बड़ी संख्या में प्रशिक्षित फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश की जनता कोविड-19 से जूझ रही है। इससे बचने और उपचार के भी योजित किया जा सकता है। प्रदेश के सभी पैरा मेडिकल स्टाफ लिए मरीजों की खोज, जांच और उपचार (ट्रेसिंग, टेस्टिंग और की सेवाएं लेकर प्रदेश के उन जनपदों में जहां पर मरीजों की संख्या ट्रीटमेंट) तीनों अत्यंत महत्वपूर्ण है। उपरोक्त सभी कार्यो के लिए अत्यंत अधिक हो गई है वहां बड़े कैंप लगाकर पूरे जनपद के चारों वड़े पैमाने पर मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। इस समय तरफ जगह-जगह testing साथ ही उनके अपचार की भी प्रदेश में एक लाख से भी अधिक पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद है।
व्यावस्था की जा सकती है।
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