वहीं मैहर में भी मिल रहे संक्रमित मामलों के बाद मां शारदा के मंदिर को आम भक्तों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने प्रवेश के पूर्व ही मंदिर में ताला जड़ दिया है । बीते वर्ष की भांति इस वर्ष भी चैत नवरात्र में मां शारदा का मंदिर पूरी तरह बंद रहेगा। ना तो भक्तों को प्रवेश मिलेगा और ना ही लोग मंदिर तक जाग सकेंगे। यह फैसला राज्य शासन के निर्देश पर मां शारदा मंदिर देवी प्रबंधक समिति के अध्यक्ष कलेक्टर अजय कटेसरिया व प्रशासक एसडीएम सुरेश अग्रवाल द्वारा लिया गया है। नवरात्र के अवसर पर केवल मंदिर के प्रधान पुजारी द्वारा मां की आरती और आराधना की जाएगी बाकी सभी के लिए मंदिर में प्रवेश वर्जित होगा।
चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...
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