सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र सांडा पंचायत से लगे हुए जंगल निकुही के पास कापर के पेड़ पर लटकते हुए तीन शव मिले, जो शव मिले हैं उसमे कुसुम कली यादव 30, सुशील यादव 17 वर्ष और अमित यादव उम्र 5 वर्ष जिनकी पहचान हुई है। पुलिस के मुताबिक ये तीनों 28 फरवरी को घर से लापता हुए थे 29 फरवरी को बरौंधा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी पुलिस जांच कर रही थी। चारवाहों के द्वारा बीते दिन सूचना मिली थी कि तीन शव जंगल में पेड़ पर लटक रहे हैं बरौंधा पुलिस सुचना मिलते ही जंगल में जाकर घटना स्थल से तीनों शव को फंदे से निकालकर पीएम करवाया और आरपी शुक्ला के नेतृत्व में फॉरेंसिंग टीम रीवा द्वारा घटना की जांच की गई मौके पर चित्रकूट एसडीओपी गौरीशंकर अहिरवार भी पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई।
चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...
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