उर्मिला सिंह उम्र लगभग 55 वर्ष निवासी राजगढ़ थाना सिरमौर के ऊपर उसके देवर कृष्णा नारायण सिंह पुत्र पारखत सिंह ने महिला के घर में घुसकर तलवार से हमला कर दिया हमले में घायल महिला गंभीर रूप से घायल हो गई मामले की सूचना सिरमौर थाने को दी गई है, व महिला की गंभीर हालत को देखते हुए संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना बीती रात्रि 8:00 बजे की बताई जा रही है वही महिला की हालत गंभीर बनी हुई है आपको बता दें की घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया था जिसे सिरमौर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है
चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...
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