भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष अजय पटेल ने जिस तरह से अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लिया है उसको देखते हुए अब कांग्रेस भी अजय पटेल के समर्थन में आ गई है,कांग्रेस के नगर अध्यक्ष दिनेश यादव का कहना है कि निश्चित रूप से यह सरकार की नाकामी है कि अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को वह इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं करवा पाए, कहीं ना कहीं अजय पटेल का यह दर्द जिस तरह से फेसबुक में छलका है वह है सही भी है ।
चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...
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