क्या, मध्य प्रदेश के दमोह इलाके में कोरोना बैनहै? यह सवाल मध्य प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तेजी से गूंज रहा है। प्रतिपक्ष कांग्रेस तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस बारे में सीधा सवाल भी पूछ रही है ।यह सवाल उठाये जाने की वजह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का वह ट्वीट है जिसमें सीएम ने दमोह के बीजेपी कार्यकताओं से कहा है, चुनाव में अब केवल आठ दिन बचे हैं। पूरी ताकत बीजेपी को जिताने में लगा दो। घरों से बाहर निकल जाओ, यह चुनाव आपको ही लड़ना है। जिस बूथ पर बीजेपी सबसे अधिक वोट से जीतेगी, वहां सबसे पहले मैं आऊंगा बता दें, दमोह में विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हो रहे हैं। आने वाली 17 तारीख को यहां वोटिंग होनी है । कांग्रेस विधायक के इस्तीफा देने से यह सीट खाली हुई थी। इस्तीफा देकर विधायक ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया है।
चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें