नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर, आयुक्त नगर निगम तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिये..............
ग्वारीघार तथा तिलवाराधार में नर्मदा मे मिल रहे गंदे नाले बंद करे ।
6 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करे।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर, आयुक्त नगर निगम तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिये,
6 मार्च को ग्वारीघार में राष्ट्रपति का कार्यक्रम हुआ, इस के बावजूद भी नर्मदा में बिना उपचार का सीवेज जल मिलना बंद नहीं हुआ, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली, द्वारा 23 फरवरी को जारी किये गये आदेश की अनदेखी की गई, इस कारण, नगर निगम जबलपुर तथा दोषी अधिकारीयों से दण्ड की राशि वसूदी नारे
डॉ. पी. जी. नाजपांडे, रजत भार्गव तथा दीपांशु साहु द्वारा दायर याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर जबलपुर, आयुक्त नगर निगम तथा प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड को कार्यवाही कर 6 सप्ताह के भीतर जॉईट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किये है। एनजीटी ने बताया की नर्मदा विशेषतः स्वारीघाट तथा तिलवारा द्वार में मिल रहे बीना उपचार के जल की शिकायत गंभिर है, इस कारण निर्देश जारी किये जा रहे है।
इस याचिका में 16 अप्रैल को हुई सुनवाई के बाद एनजीटी के जस्टीस शिवकुमार सिंग तथा एक्स्पर्ट मेंबर अरुण कुमार वर्मा ने अगली सुनवाई 16 जुलाई को तय की है। याचीकर्ता ओर से एक प्रभाव यादव ने की।
एङ प्रभात यादव ने एक, जी.टी. को बताया की 19 फरवरी को आयोजित नर्मदा जयंती तथा 11 मार्च को आयोजित शिवरात्री मेले में नर्मदा तटों एवं जाल में प्रदुषण फैल गया था। जब की इस बाबर एन. जी. निर्देश जारी कर ऐसे प्रदूषण को रोकने को कहा था।
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