सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

थाना प्रभारी संजीवनी नगर श्रीमति भूमेश्वरी चैहान ने बताया 3 किलो 400 ग्राम गांजा एवं 305 पाव देशी शराब जप्त

थाना प्रभारी संजीवनी नगर श्रीमति भूमेश्वरी चैहान ने बताया कि देर रात्रि में विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति क्रीम कलर का कुर्ता तथा सफेद रंग का पैजामा पहने है जिसके चेहरे पर हल्की सफेद दाढ़ी है अपनी पीठ पर एक काले रंग का पिटू बैग लिये है जो धनंवतरीनगर चैक से पैदल अंधमुख वाईपास तरफ जा रहा है जो बैग में मादक पदार्थ गांजा रखे है, यदि तुरंत दबिश दी गयी तो रंगे हाथों पकडा जायेगा। सूचना पर एन.डी.पी.एस. एक्ट प्रावधानो के तहत कार्यवाही करते हुये योजनाबद्ध तरीके से मुखबिर के बतायेनुसार अंधमुख वाईपास के पहले रेल्वे ब्रिज
के नीचे दबिश दी गयी जहां पर मुखबिर के बताये हुलिये का व्यक्ति पीठ में काले रंग का पिट्ट बैग टांगे हुये जाते दिखा जिसे रोककर नाम पता पूछने पर अपना नाम राजेश भारद्वाज उम्र 58 वर्ष निवासी काली चैक महावीर वार्ड केातवाली जिला सिवनी बताया जिसे जिसे सूचना से अवगत कराया गया एवं तलाशी ली गयी जो पीठ टंगे काले रंग के पिट्टू गयी जो पीठ में काले के पिटू बैग में कुल 4 बंडल हल्के मटमैले रंग के टैप से लिपटे मिले चारों बंडल खोलकर देखने पर अवैध मादक पदार्थ गांजा रखा मिला जो तौल करने पर कुल 3 किलो 400 ग्राम गांजा कीमती 40 हजार रुपए का होना पाया गया जिसे जप्त करते हुये आरोपी के विरूद्ध धारा 8, 20 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुये उक्त गांजा कहाँ से और कैसे प्राप्त किया के सम्बंध में पूछताछ की जा रही है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए……..? HINDI & ENGLISH

  चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...

ब्रेकिंग -एमपी जबलपुर नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडलेश्वर जगतगुरु डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य जी महाराज कोरोना की वजह से नहीं ....…….....

ब्रेकिंग  -जबलपुर नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडलेश्वर जगतगुरु डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य जी महाराज कोरोना की वजह से नहीं रहे, वे कुंभ में हरिद्वार गए थे और वही से कोरोना पीड़ित हुए थे

कोरोना से ठीक होने के 3 महीने बाद लगवा सकते है वैक्सीन : सेंट्रल ...…....….

यह भी बताया गया है कि स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोरोना का टीका लगवा सकती है  गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने को लेकर अभी मामला विचारधीन है। सरकार ने इसके साथ ही स्तनपान कराने वाली महिलों के लिए भी वैक्‍सीन सुरक्षित बताया है सरकार की ओर से बताया गया है कि यदि वैक्‍सीन की पहली डोज लेने के बाद कोई कोरोना संक्रमित हो जाता है तो दूसरी डोज तीन माह बाद ली जानी चाहिए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से वैक्‍सीनेशन के नियमों में एक और बदलाव करते हुए यह बात कही गई    एक्‍सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्‍सीन एडमिनिस्‍ट्रेन फॉर corona 19  की ओर से यह अनुशंसा की गई है। नई सिफारिशों में यह भी कहा गया है कि कोरोना से रिकवरी के तीन माह वैक्‍सीनेशनल टालना चाहिए। यह भी बताया गया है कि स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोरोना का टीका लगवा सकती है। गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने को लेकर अभी मामला विचारधीन है।  जिन मरीजों को प्लाज्मा दिया गया हो वैसी हालत में अस्पताल से छुट्टी के 3 महीने बाद वे टीका ले सकते हैं।