एससी एसटी एक्ट धारा 3 (2) (v) लागू होगी जब तक जाति की जानकारी अपराध के लिए आधारों में से एक है : सुप्रीम कोर्ट ने पहले के फैसलों पर संदेह जताया ............
suprem court अपने पहले के उन निर्णयों पर संदेह जताया है जिनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी एसटी act ) (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम, 1989 की धारा 3 (2) (v) की व्याख्या की गई थी कि इसका means यह है कि अपराध केवल इस आधार पर किया जाना चाहिए कि पीड़ित अनुसूचित जाति या जनजाति का सदस्य है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर sha की पीठ ने कहा कि यह प्रावधान तब तक आकर्षित होगा जब तक जातिगत पहचान अपराध की घटना के लिए आधार में से एक है। इस आधार पर धारा 3 (2) (v) के संरक्षण से इनकार करने के लिए कि अपराध एक st sc व्यक्ति के खिलाफ केवल उनकी जातिगत पहचान के आधार पर नहीं किया गया था यह अस्वीकार करना है कि सामाजिक असमानताएं एक संचयी तरीके से कैसे कार्य करती हैंं पीठ ने कहा।
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