यूपी के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कोविड- 19 महामारी के बीच अन्य शहरों राज्यों से वापस आने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक, कोविड-19 लक्षण वाले लोगों को 14 दिन और लक्षणविहीन को 7 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा जबकि घर पर व्यवस्था न होने पर क्वारंटीन
चेक बाउंस केस में सज़ा होने पर क्या किया जाए ……..? चेक बाउंस के केस में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट ,1881 की धारा 138 के अंतर्गत 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है। लेकिन यह इस अपराध में अधिकतम सज़ा है , अदालत साधारणतः से 6 MONTH या फिर 7 YEAR तक का कारावास देती है इसके साथ ही अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 357 के अंतर्गत परिवादी को प्रतिकर दिए जाने हेतु भी निर्देशित किया जाता है। यह प्रतिकर चेक राशि का दुगना भी हो सकता है। सज़ा होने पर अभियुक्त ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपील अवधि तक सज़ा को निलंबित किये जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 389(3) के अंतर्गत एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी जमानती अपराध में जमानत लेना अभियुक्त का अधिकार होता है इसलिए इस अपराध के अंतर्गत अभियुक्त को दी गई सज़ा को निलंबित कर दिया जाता है फिर यह सजा तब तक निलंबित रहती है जब तक अपील पर अदालत अपना अंतिम निर्णय नहीं दिए देती है। अंतिम निर्णय में भी यदि अपीलार्थी दोषी पाया जाता है तो अपील अदालत सज़ा को बरकरार रखते हुए अपना निर्णय दिए देती है। सत्र न्यायालय से भी सज़ा बरकरार रहन...
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