जानिए निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट , 1881 की धारा 138 के तहत नोटिस का नियम …… इस धारा में डिमांड नोटिस के सम्बंध में 3 प्रकार की आज्ञापक शर्तें बताई गई हैं , जैसे- 1. चेक प्राप्ति के 3 महीने के अंदर कितनी भी बार चेक को बैंक में उपस्थित किया जा सकता है और यदि ऐसा चेक बैंक द्वारा "पर्याप्त निधि नहीं हैं" या बैंक के साथ किए करार से अधिक राशि है ) के आधार पर लिखित रसीद के साथ वापस कर दिया जाता है तो आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार इसे चेक का अनादरण माना जायेगा। सामान्य भाषा में कहे तो चेक होल्डर को बैंक द्वारा चेक राशि नहीं दी जाएगी , जिसका वह हकदार है। इसके अलावा बैंक द्वारा एक बैंक स्लिप या मीमो( Memo) जारी किया जाएगा। जो इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण होगा की चेक पेश गया था , परंतु वह बाउंस हो गया। टिस भेजने के तरीके लिखत रूप में , जो कि धारा 138(b) में बताया एक सामान्य तरीका है। टेलीग्राफिक प्रक्रिया द्वारा। धारा में विहित प्रक्रिया के बिना अपवादित दशाओं में समाचार पत्र में नोटिस का पब्लिकेशन किया जा सकता है। रजिस्टर पत्र द्वारा। ईमेल , व्हाट्सएप या फैक्स द्वारा। ...